Skip to content

धनतेरस 2025: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कथा और क्या खरीदें ?

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, पाँच दिवसीय दिवाली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन देवी लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा के लिए समर्पित है, जिससे धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानें धनतेरस 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और सांस्कृतिक महत्व के बारे में।

यह भी पढ़ें: दिवाली का समय और तारीख

धनतेरस

धनतेरस 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

  • तिथि: शनिवार- 18 अक्टूबर, 2025
  • धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 07:29 बजे से *08:20 बजे
  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 18 अक्टूबर को सुबह 11:15 बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर को दोपहर 1:22 बजे

Source: Times of India

इस शुभ मुहूर्त में दीपक जलाना, देवी लक्ष्मी की पूजा करना और खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

धनतेरस पूजा विधि

धनतेरस पूजा विधि सरल किन्तु प्रभावशाली है। यह घर की समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए की जाती है:

  1. कुबेर पूजा: धन के देवता कुबेर की पूजा करें और तिजोरी या धन रखने के स्थान पर दीप जलाएँ।
  2. सफाई : घर की अच्छी तरह सफाई करें, खासकर प्रवेश द्वार और पूजा स्थल की।
  3. दीप जलाना : मुख्य द्वार पर रंगोली और दीप रखें।
  4. धन्वंतरि पूजा : भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  5. लक्ष्मी पूजा : लक्ष्मी की चांदी या मिट्टी की मूर्ति की जल, चावल, फूल, रोली और मिठाई से पूजा करें।
  6. धातु खरीदना: इस दिन चांदी, सोना, पीतल या स्टील के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।
  7. दीप दान: घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के लिए दीप जलाएँ।

📖 धनतेरस की कथा

धनतेरस से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा है:

एक समय की बात है, राजा हिम के पुत्र की कुंडली में विवाह के चौथे दिन मृत्यु का संकेत था। उनकी पत्नी ने उस रात जागरण किया, दीप जलाए, घर को सोने-चाँदी के गहनों से सजाया और अपने पति को जगाए रखा। जब यमराज उनके प्राण लेने आए, तो दीपों की रोशनी और गहनों की चमक से उनकी आँखें चौंधिया गईं। वे बिना कुछ कहे लौट गए।

इस घटना के बाद से, अकाल मृत्यु के भय से बचने के लिए धनतेरस पर दीप जलाने और यमराज को अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई।

🛍️ धनतेरस पर क्या खरीदें?

  • धातु के बर्तन: चाँदी, पीतल और स्टील
  • सोने और चाँदी के आभूषण
  • धन्वंतरि और लक्ष्मी की मूर्तियाँ
  • झाड़ू: लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है
  • इलेक्ट्रॉनिक्स या वाहन: शुभ मुहूर्त में खरीदी गई वस्तुएँ समृद्धि लाती हैं

🌟 सांस्कृतिक महत्व

धनतेरस केवल खरीदारी का दिन नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है। आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का जन्म इसी दिन हुआ था, इसलिए इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

इस दिन की गई पूजा और दान से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और परिवार की दीर्घायु सुनिश्चित होती है।


जुड़े रहो

2 thoughts on “धनतेरस 2025: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कथा और क्या खरीदें ?”

  1. Pingback: धनतेरस: क्या खरीदें और इसके लाभ: धन प्राप्ति की पहली सीढ़ी , 18 Oct,2025 - Vaani Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Index